नई दिल्ली/वृंदावन | स्पोर्ट्स-एंटरटेनमेंट डेस्क
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक नगरी वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। दोनों का आश्रम से बाहर निकलते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे बेहद सादगीपूर्ण अंदाज में नंगे पैर चलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सादगी भरे अंदाज ने जीता लोगों का दिल
बुधवार सुबह सामने आए वीडियो में विराट और अनुष्का साधारण भारतीय परिधान में नजर आए। दोनों ने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था और आश्रम परिसर में नंगे पैर चलते दिखाई दिए। उनके इस सादगीपूर्ण व्यवहार की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। कई प्रशंसकों ने इसे उनकी आध्यात्मिक आस्था और निजी जीवन की सरलता से जोड़कर देखा।
प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात
दंपति ने वृंदावन स्थित श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। यह पहली बार नहीं है जब विराट और अनुष्का यहां पहुंचे हों। पिछले कुछ वर्षों में दोनों कई बार वृंदावन आकर आध्यात्मिक मार्गदर्शन लेते रहे हैं। क्रिकेट और फिल्मी व्यस्तताओं के बीच यह स्थान उनके लिए विशेष महत्व रखता है।
इंग्लैंड दौरे के बाद आध्यात्मिक विराम
हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की श्रृंखला समाप्त होने के बाद विराट कोहली सीधे वृंदावन पहुंचे। क्रिकेट मैदान पर लगातार व्यस्त रहने वाले विराट अक्सर बड़े टूर्नामेंट या महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं के बाद आध्यात्मिक स्थलों का रुख करते रहे हैं। इससे पहले भी आईपीएल जीत के बाद उन्होंने अनुष्का शर्मा के साथ प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए थे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
जैसे ही दोनों के दर्शन का वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाखों लोगों ने उसे साझा करना शुरू कर दिया। प्रशंसकों ने ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्री राधे’ जैसे संदेशों के साथ उनकी तस्वीरों और वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने उनकी निजी आस्था का सम्मान करते हुए शुभकामनाएं भी दीं।
आध्यात्मिक यात्राओं से जुड़ता रहा है ‘विरुष्का’ का नाम
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पिछले कुछ वर्षों में कई धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। दोनों समय-समय पर मंदिरों, आश्रमों और संतों से आशीर्वाद लेते दिखाई देते हैं। सार्वजनिक जीवन की व्यस्तता के बीच यह उनकी निजी आध्यात्मिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।


