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स्मृति मंधाना का तूफान, हांगकांग पस्त; 137 रन से जीतकर भारत सेमीफाइनल में, रिकॉर्ड्स की लगी झड़ी

दुबई | 4 सितंबर 2026

दुबई की रात भारतीय महिला क्रिकेट के नाम रही। स्मृति मंधाना ने बल्ले से ऐसा तूफान खड़ा किया कि हांगकांग की गेंदबाजी पूरी तरह बेअसर नजर आई। मंधाना की 64 गेंदों पर 124 रन की विस्फोटक पारी के दम पर भारत ने पहले 193 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजों ने हांगकांग की पूरी टीम को महज 56 रन पर समेट दिया। भारत ने मुकाबला 137 रन से जीतकर महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली।

लेकिन इस जीत की कहानी सिर्फ एकतरफा मुकाबले की नहीं है। मंधाना ने अपनी शतकीय पारी के दौरान महिला क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी बड़ा बदलाव कर दिया। वह अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

64 गेंद, 124 रन और रिकॉर्ड्स की बरसात

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआत में हांगकांग के गेंदबाजों ने कुछ हद तक नियंत्रित रखा। लेकिन एक बार मंधाना की लय बनी तो मुकाबले का रंग ही बदल गया।

मंधाना ने 64 गेंदों में 124 रन बनाए। उनकी पारी में 14 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 193.75 रहा। शेफाली वर्मा ने भी 17 गेंदों में 28 रन बनाकर शुरुआत में उनका साथ दिया। भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 193 रन बनाए।

मंधाना शतक पूरा करने के बाद भी नहीं रुकीं। हालांकि पारी के 20वें ओवर में रन आउट होकर उन्हें लौटना पड़ा, लेकिन तब तक वह भारतीय पारी को ऐसी स्थिति में पहुंचा चुकी थीं जहां से हांगकांग के लिए मुकाबले में वापसी लगभग असंभव हो गई थी।

मिताली राज का रिकॉर्ड टूटा

मंधाना की इस पारी का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आया। 124 रन की पारी के दौरान उनके अंतरराष्ट्रीय रनों की संख्या 10,880 तक पहुंच गई। इसके साथ उन्होंने मिताली राज के 10,868 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

यानी अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज स्मृति मंधाना हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि मिताली राज ने वर्षों तक महिला क्रिकेट में इस रिकॉर्ड पर कब्जा बनाए रखा था।

अंतरराष्ट्रीय शतकों में भी बनीं नंबर-1

मंधाना की यह पारी सिर्फ रनों के रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रही। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 18वां शतक था।

इस शतक के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग और दक्षिण अफ्रीका की लॉरा वोल्वार्ड्ट को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम 17-17 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं। अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी मंधाना के नाम है।

मंधाना ने मैच के बाद कहा कि उन्हें खुद पता नहीं था कि उनकी पारी के दौरान इतने बड़े रिकॉर्ड बन गए हैं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय परिवार को भी दिया।

भारत के 193 रन के जवाब में हांगकांग सिर्फ 56 पर ढेर

194 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हांगकांग की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। विकेट लगातार गिरते रहे और पूरी टीम 16.2 ओवर में 56 रन पर ऑलआउट हो गई।

भारत की ओर से स्पिन गेंदबाज दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट लेकर हांगकांग की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। बाकी गेंदबाजों ने भी दबाव बनाए रखा और भारत ने लक्ष्य से काफी पहले मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इस तरह भारत ने हांगकांग को 137 रन के बड़े अंतर से हराया और एशिया कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी।

दो मैच, दो जीत और सीधे सेमीफाइनल

भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत थाईलैंड के खिलाफ 94 रन की जीत से की थी। इसके बाद हांगकांग के खिलाफ भी टीम ने बड़ी जीत दर्ज की।

दो मैचों में दो जीत के साथ भारत ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम अब ग्रुप चरण का अपना अगला मुकाबला 5 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी।

इस जीत से भारतीय टीम के आत्मविश्वास को भी बड़ा बढ़ावा मिला है। खासकर मंधाना की फॉर्म और गेंदबाजी इकाई के प्रदर्शन ने टीम को खिताब की मजबूत दावेदारों में खड़ा कर दिया है।

मंधाना की पारी क्यों रही खास?

मंधाना के लिए यह पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनका दूसरा T20 अंतरराष्ट्रीय शतक है। इससे पहले उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला T20I शतक बनाया था।

हांगकांग के खिलाफ 124 रन की पारी ने न केवल भारत को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि मंधाना को महिला क्रिकेट के कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स के शीर्ष पर पहुंचा दिया। ICC ने भी उनकी इस पारी को कई बड़े रिकॉर्ड्स को एक साथ बदलने वाली उपलब्धि के तौर पर रेखांकित किया है।

अब नजर पाकिस्तान मुकाबले पर

हांगकांग के खिलाफ जीत के बाद भारतीय टीम का अगला लक्ष्य पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप मैच है। हालांकि सेमीफाइनल का टिकट पहले ही मिल चुका है, लेकिन ग्रुप चरण का यह मुकाबला टीम के लिए अपनी लय और संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण मौका होगा।

दूसरी ओर, मंधाना की नजर अब सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि टीम को एशिया कप का खिताब दिलाने पर होगी। हांगकांग के खिलाफ उनकी पारी ने संकेत दे दिया है कि अगर भारतीय बल्लेबाजी इसी लय में रही तो टूर्नामेंट में टीम को रोकना बाकी टीमों के लिए आसान नहीं होगा।