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‘NEET है या Cheat?’ संसद मार्च में प्रियंका गांधी का केंद्र पर तीखा हमला, बोलीं- युवाओं के भविष्य से हो रहा खिलवाड़

नई दिल्ली | राजनीतिक डेस्क

संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज कर दिया। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर से शुरू हुए विरोध मार्च में हिस्सा लेते हुए केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और कहा कि युवाओं की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

संसद से सड़क तक विपक्ष का प्रदर्शन

सोमवार को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्षी दलों के सांसदों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेताओं ने छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से इस पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।

प्रियंका गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के लाखों छात्र कठिन मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठते हैं, लेकिन यदि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवाद सामने आते हैं तो युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठने लगता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को केवल कानून-व्यवस्था की बात करने के बजाय परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव और असुरक्षा की स्थिति में पहुंचा दिया है।

‘NEET है या Cheat?’ बना प्रदर्शन का मुख्य नारा

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों ने “NEET है या Cheat?” का नारा लगाते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव सहित कई विपक्षी नेता भी इस विरोध कार्यक्रम में शामिल हुए।

CJP के संसद मार्च को लेकर सुरक्षा कड़ी

इसी बीच, परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे CJP (Cockroach Janta Party) के ‘संसद चलो’ मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि संसद की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बिना अनुमति किसी मार्च की इजाजत नहीं दी गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया।

सरकार का रुख

सरकार की ओर से कहा गया है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का भी आरोप लगाया है। वहीं विपक्ष का कहना है कि जब तक छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक वह इस मुद्दे को संसद और सड़क दोनों जगह उठाता रहेगा।

शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ी राजनीतिक बहस

विश्लेषकों का मानना है कि NEET से जुड़ा विवाद अब केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह युवाओं के रोजगार, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और सरकारी जवाबदेही का बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। मानसून सत्र के दौरान इस विषय पर संसद में तीखी बहस और विपक्ष के लगातार विरोध की संभावना बनी हुई है।