मुंबई | एंटरटेनमेंट डेस्क
करीब तीन साल पहले रिलीज़ हुई फिल्म ‘आदिपुरुष’ को लेकर छिड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म के संवाद लेखक और गीतकार मनोज मुंतशिर ने पहली बार खुलकर स्वीकार किया है कि ‘आदिपुरुष’ उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी। उन्होंने कहा कि फिल्म के संवाद लिखना ही नहीं, बल्कि रिलीज़ के बाद सार्वजनिक रूप से उसका बचाव करना भी उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई। साथ ही उन्होंने देशवासियों से माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें आज भी उस पूरे घटनाक्रम पर गहरा पछतावा है।
“मैं अहंकार में था, पत्नी की सलाह नहीं मानी”
एक हालिया इंटरव्यू में मनोज मुंतशिर ने बताया कि फिल्म रिलीज़ होने से पहले ही उनकी पत्नी ने उन्हें सलाह दी थी कि वे ‘आदिपुरुष’ का सार्वजनिक चेहरा न बनें। उनका कहना था कि फिल्म को लेकर विवाद बढ़ सकता है और इसकी आलोचना का सबसे बड़ा असर उन पर पड़ेगा। लेकिन उन्होंने उस सलाह को गंभीरता से नहीं लिया।
मनोज ने स्वीकार किया कि उस समय उन्हें अपने अनुभव और लोकप्रियता पर जरूरत से ज्यादा भरोसा था। बाद में उन्हें महसूस हुआ कि वही निर्णय उनके लिए सबसे बड़ी भूल बन गया।
“संवाद लिखने पर आज शर्म आती है”
मनोज मुंतशिर ने कहा कि आज जब वह पीछे मुड़कर देखते हैं तो उन्हें फिल्म के कई संवादों पर शर्मिंदगी महसूस होती है। उन्होंने माना कि दर्शकों और धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों के प्रति जिस संवेदनशीलता की अपेक्षा थी, वह संवादों में दिखाई नहीं दे सकी।
उन्होंने यह भी कहा कि वे भगवान राम और भगवान हनुमान के चरित्रों के साथ न्याय नहीं कर पाए और इसी वजह से उन्हें गहरा आत्ममंथन करना पड़ा।
“देश से माफी मांगता हूं”
मनोज ने अपने बयान में कहा कि फिल्म को लेकर जो कुछ भी हुआ, उसके लिए वे स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने व्यवहार और सार्वजनिक बयानों पर भी पछतावा है।
उनके अनुसार, फिल्म की रिलीज़ के शुरुआती दिनों में उन्होंने आलोचनाओं को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि दर्शकों की भावनाओं को समझने में उनसे बड़ी चूक हुई। इसी कारण उन्होंने देशवासियों से क्षमा मांगी।
‘आदिपुरुष’ क्यों बनी थी विवादों का केंद्र?
निर्देशक ओम राउत की फिल्म ‘आदिपुरुष’ वर्ष 2023 में रिलीज़ हुई थी। प्रभास, कृति सेनन और सैफ अली खान अभिनीत इस फिल्म को रामायण से प्रेरित बताया गया था।
रिलीज़ के बाद फिल्म को उसके संवादों, वीएफएक्स, पात्रों की प्रस्तुति और कुछ रचनात्मक निर्णयों को लेकर व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा। विवाद बढ़ने के बाद निर्माताओं ने फिल्म के कुछ संवादों में बदलाव भी किया था। भारी बजट और शुरुआती चर्चा के बावजूद फिल्म दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी।
करियर पर भी पड़ा असर
मनोज मुंतशिर ने यह भी बताया कि विवाद का असर उनके पेशेवर जीवन पर भी पड़ा। कई टीवी शो और प्रोजेक्ट उनसे दूर हो गए और उन्हें कई काम छोड़ने पड़े। हालांकि उन्होंने कहा कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें विनम्र बनाया और अब वे किसी भी परियोजना का चयन पहले से कहीं अधिक सोच-समझकर करते हैं।
उनका कहना है कि अब उनके लिए केवल व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि विषय की संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।


