इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की सेहत को लेकर क्रिकेट जगत की चिंता एक बार फिर सामने आई है। दुनिया के नौ क्रिकेट देशों के 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर इमरान खान के बेहतर इलाज और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने की अपील की है।
इस अपील में भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर, कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर समेत क्रिकेट की दुनिया के कई बड़े नाम शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और भारतीय टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल भी इस पहल का हिस्सा हैं।
छह महीने बाद फिर उठी आवाज
इमरान खान के इलाज को लेकर पूर्व क्रिकेट कप्तानों की यह दूसरी बड़ी सामूहिक अपील है। फरवरी 2026 में 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर इमरान खान को उचित चिकित्सा सुविधा, सम्मानजनक हिरासत और निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध कराने की मांग की थी। उस पत्र में भी उनकी सेहत, खासकर नजर से जुड़ी परेशानियों को लेकर चिंता जताई गई थी।
अब ताजा पत्र ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को जेल से अस्पताल ले जाकर विस्तृत मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया था। अदालत के आदेश के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया और बाद में वापस अदियाला जेल भेज दिया गया।
क्या है क्रिकेट दिग्गजों की मांग?
पूर्व कप्तानों की अपील का केंद्र इमरान खान की राजनीतिक स्थिति नहीं, बल्कि उनका स्वास्थ्य और मानवीय गरिमा है। पत्र में बेहतर और लगातार चिकित्सा सुविधा, विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज तथा परिवार से नियमित मुलाकात जैसी बातों पर जोर दिया गया है।
क्रिकेट दिग्गजों ने इस बात पर भी जोर दिया कि खेल की प्रतिद्वंद्विता मैदान तक सीमित रहती है और उसके बाद इंसानी रिश्ते और सम्मान महत्वपूर्ण होते हैं। उनका कहना है कि इमरान खान ने लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया है और 1992 में टीम को विश्व कप जिताया था। इसलिए उनके स्वास्थ्य और बुनियादी मानवीय अधिकारों को लेकर चिंता जताना खेल भावना के अनुरूप है।
गावस्कर और कपिल देव भी मुहिम में शामिल
भारत की ओर से सुनील गावस्कर और कपिल देव के नाम इस अपील को खास बनाते हैं। दोनों खिलाड़ी उस दौर का हिस्सा रहे हैं जब भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता अपने चरम पर थी।
दिलीप वेंगसरकर भी इस समूह में शामिल हैं। दूसरी ओर ग्रेग चैपल, एलन बॉर्डर, इयान चैपल, माइकल गैटिंग, अर्जुन रणतुंगा, एंड्रयू स्ट्रॉस, एलिस्टर कुक और क्लाइव लॉयड जैसे पूर्व दिग्गज कप्तानों के नाम भी इस पहल से जुड़े हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्यों बढ़ी चिंता?
इमरान खान की चिकित्सा को लेकर विवाद पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बना हुआ है। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को उन्हें निजी अस्पताल में मेडिकल जांच कराने का आदेश दिया था। अदालत ने विशेषज्ञों की मेडिकल टीम के साथ उनके निजी डॉक्टर को भी जांच प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही थी। साथ ही परिवार से नियमित मुलाकात और बेटों से फोन पर संपर्क की अनुमति देने का निर्देश भी दिया गया था।
इसके बाद पाकिस्तानी सरकार ने अदालत के आदेश पर पुनर्विचार की मांग की। सरकार का तर्क था कि जेल में बंद कैदियों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था मौजूद है और किसी एक कैदी के लिए निजी अस्पताल की व्यवस्था अलग मिसाल कायम कर सकती है।
हालांकि बाद में इमरान खान को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की और उन्हें चिकित्सकीय रूप से फिट बताया। इसके बाद उन्हें अदियाला जेल वापस भेज दिया गया।
इमरान खान की सेहत को लेकर अलग-अलग दावे
इमरान खान की पार्टी और परिवार लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जाहिर करते रहे हैं। उनके वकीलों और समर्थकों ने खास तौर पर आंखों की समस्या और जेल में चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार ने चिकित्सा लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि इमरान खान को नियमित चिकित्सा जांच और सुविधाएं दी जा रही हैं और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड उनके इलाज की ओर इशारा करते हैं।
इसलिए फिलहाल इस पूरे मामले में दो अलग-अलग दावे सामने हैं—इमरान खान के परिवार और समर्थक बेहतर इलाज की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
क्रिकेट की सीमा से बाहर पहुंची अपील
इमरान खान के मामले में पूर्व क्रिकेट कप्तानों का एकजुट होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सिर्फ भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों तक सीमित मामला नहीं है। अपील में शामिल कई खिलाड़ी इमरान के साथ अलग-अलग दौर में मैदान पर खेल चुके हैं या उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का हिस्सा रहे हैं।
अब 21 पूर्व कप्तानों की नई अपील ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि क्या खेल की पुरानी प्रतिद्वंद्विता से आगे बढ़कर क्रिकेट जगत अपने एक पूर्व साथी खिलाड़ी के स्वास्थ्य और मानवीय अधिकारों के लिए आवाज उठा सकता है?
इस बार संदेश स्पष्ट है—राजनीति अपनी जगह, लेकिन इलाज और इंसानी गरिमा का सवाल अलग है।


