अपराध

जयपुर हत्याकांड में नया मोड़: आयुषी ने हत्या के आरोपों से किया इनकार, पुलिस को दिखाए कथित घरेलू हिंसा के वीडियो; मां पर लगाए गंभीर आरोप

जयपुर | विशेष संवाददाता

जयपुर के चर्चित हत्याकांड में गिरफ्तार आयुषी शर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए जांच को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस पूछताछ के दौरान आयुषी ने दावा किया कि वह लंबे समय से घरेलू प्रताड़ना का शिकार रही है। उसने अपने मोबाइल फोन में मौजूद कुछ वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री पुलिस को सौंपी है, जिनके बारे में उसका कहना है कि वे परिवार के भीतर कथित हिंसा और विवाद की परिस्थितियों को दर्शाते हैं। पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की सत्यता की जांच कर रही है।

आयुषी का दावा क्या है?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आयुषी ने कहा कि परिवार में लंबे समय से तनाव का माहौल था। उसका आरोप है कि उसके पिता को हुए ब्रेन हैमरेज के पीछे पारिवारिक तनाव और लगातार होने वाले विवाद एक महत्वपूर्ण कारण थे। उसने यह भी दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए उसकी मां जिम्मेदार थीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की कर रही जांच

जांच अधिकारियों ने आयुषी द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किए गए, उनमें दिख रही घटनाएं वास्तविक हैं या नहीं, और उनका मौजूदा आपराधिक मामले से क्या संबंध है।

अधिकारियों का कहना है कि केवल किसी वीडियो का होना पर्याप्त नहीं है। उसकी तकनीकी जांच, समय-सीमा और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान के बाद ही उसे जांच में महत्व दिया जाएगा।

पुलिस की जांच कई पहलुओं पर केंद्रित

पुलिस इस मामले में हत्या के कथित उद्देश्य (मोटिव), पारिवारिक संबंधों, डिजिटल साक्ष्यों और घटनास्थल से जुटाए गए फोरेंसिक सबूतों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा आरोपी और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

जांच एजेंसियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा।

अदालत में पेश होंगे जांच के निष्कर्ष

मामले की आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत जारी है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपपत्र तैयार किया जाएगा। अंतिम निर्णय अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही होगा।

फिलहाल यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि आयुषी के सभी दावे जांच के दायरे में हैं और उनकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं, हत्या के मामले में दोष तय करना केवल अदालत का अधिकार है।