अयोध्या | विशेष संवाददाता
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच अब केवल चोरी तक सीमित नहीं रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) की जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि कथित तौर पर चुराई गई रकम का एक हिस्सा निवेश के माध्यम से बढ़ाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या दान की राशि को शेयर बाजार और अन्य वित्तीय माध्यमों में लगाकर आर्थिक लाभ कमाने की योजना बनाई गई थी।
शेयर बाजार तक पहुंची जांच
जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों और उनके परिजनों से जुड़े कई बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस ने कुछ बैंक खातों को फ्रीज किया है और शेयर बाजार से जुड़े निवेशों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित रूप से गबन की गई राशि का इस्तेमाल किन-किन माध्यमों में किया गया और क्या उससे आर्थिक लाभ अर्जित किया गया।
टिन्नू यादव की भूमिका पर फोकस
जांच के दौरान रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका भी एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। पुलिस यह जांच कर रही है कि कथित वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और निवेश संबंधी गतिविधियों में उनकी क्या भूमिका रही। हालांकि, अभी तक किसी भी आरोप का अंतिम न्यायिक परीक्षण नहीं हुआ है और मामले की जांच जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था में मिलीं गंभीर खामियां
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और दान प्रबंधन प्रणाली में कई कमियों की ओर भी संकेत किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा जांच (Frisking), मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के पालन और सीसीटीवी निगरानी में कथित लापरवाही के कारण आरोपियों को लंबे समय तक कथित अनियमितताओं को अंजाम देने का अवसर मिला। जांच में लगभग 40 दिनों के दौरान चोरी की दर्जनों घटनाओं का उल्लेख किया गया है।
नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियों की जांच
पुलिस की तलाशी कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपियों से नकदी, सोने के आभूषण और एक वाहन बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा परिजनों से जुड़े बैंक खातों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित गबन की गई राशि का उपयोग किन संपत्तियों की खरीद या निवेश में किया गया।
ट्रस्ट और जांच एजेंसियों की कार्रवाई
मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। जांच के बीच ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने पद छोड़े हैं। वहीं, SIT ने दान प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई सुधारात्मक सुझाव भी दिए हैं।
आगे क्या?
पुलिस का कहना है कि मामले की वित्तीय जांच अभी जारी है और डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज़, निवेश संबंधी जानकारी तथा अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। यदि जांच में मनी ट्रेल और निवेश से जुड़े आरोप पुष्ट होते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि मामले में जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।


