जयपुर: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के बाद अब राजनीतिक दलों का फोकस पंचायती राज चुनावों पर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन शुक्रवार, 25 सितंबर को जयपुर पहुंचेंगे। अपने दौरे के दौरान वे बगरू के दादिया गांव में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे और यहीं से पार्टी के पंचायत चुनाव प्रचार अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे।
दादिया में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित निकाय जनप्रतिनिधि सम्मेलन को नितिन नबीन संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में भाजपा के नवनिर्वाचित पार्षदों, चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों और जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारियों के शामिल होने का कार्यक्रम है।
90 प्रचार रथों को दिखाएंगे हरी झंडी
दादिया कार्यक्रम का सबसे प्रमुख हिस्सा 90 प्रचार रथों की रवानगी होगी। भाजपा के मुताबिक ये प्रचार रथ राजस्थान की अलग-अलग ग्राम पंचायतों और ग्रामीण इलाकों तक जाएंगे।
इन रथों के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का अभियान चलाया जाएगा। पार्टी की योजना इन वाहनों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन की मौजूदगी बढ़ाने और पंचायत स्तर पर कार्यकर्ताओं को चुनावी गतिविधियों से जोड़ने की है।
यानी भाजपा का पंचायत चुनाव अभियान सिर्फ बड़े शहरों या जिला मुख्यालयों तक सीमित रखने के बजाय गांव और पंचायत स्तर तक ले जाने की तैयारी है।
निकाय चुनाव के बाद अब पंचायतों पर फोकस
राजस्थान में हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों के बाद भाजपा ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियों का अगला फोकस पंचायती राज चुनावों को बनाया है। दादिया का कार्यक्रम इसी क्रम में देखा जा रहा है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, नितिन नबीन के दौरे के दौरान पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा होनी है। वहीं, अन्य रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी निकाय चुनाव से मिले फीडबैक और जमीनी अनुभवों को पंचायत चुनाव की रणनीति में शामिल करने पर भी विचार कर रही है।
पंचायत चुनाव की तारीखों का औपचारिक ऐलान होने से पहले ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ने संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी शुरू कर दी है। चुनावी कार्यक्रम और आरक्षण से जुड़े पहलुओं को लेकर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री आवास पर बैठक, संगठन का फीडबैक भी होगा अहम
नितिन नबीन के जयपुर दौरे में दादिया कार्यक्रम से पहले संगठनात्मक बैठक का भी कार्यक्रम है। रिपोर्टों के मुताबिक इसमें प्रदेश के सांसदों, विधायकों, संभाग प्रभारियों-सह प्रभारियों और पंचायत चुनाव संचालन समिति से जुड़े पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।
बैठक में हालिया निकाय चुनाव के अनुभव, संगठन की जमीनी स्थिति और आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हो सकती है।
इस बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भाजपा अब शहरी निकाय चुनावों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
दादिया में सम्मेलन के बाद युवाओं से संवाद
नितिन नबीन का दौरा केवल पंचायत चुनाव अभियान तक सीमित नहीं रहेगा। दादिया कार्यक्रम के बाद वे जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में युवाओं के साथ संवाद करेंगे।
इस कार्यक्रम में युवाओं की संगठनात्मक और सामाजिक भागीदारी सहित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत प्रस्तावित है।
दादिया क्यों बना कार्यक्रम का केंद्र?
जयपुर का दादिया इससे पहले भी बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों का स्थल रहा है। फर्स्ट इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दादिया की लोकेशन रिंग रोड और राज्य के विभिन्न हिस्सों से कनेक्टिविटी के कारण बड़े आयोजनों के लिए उपयोगी मानी जाती रही है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम हो चुके हैं।
अब भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का पंचायत चुनाव अभियान यहीं से शुरू होना इस जगह को एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में ले आया है।
क्या है भाजपा का पंचायत चुनाव अभियान?
दादिया से रवाना होने वाले प्रचार रथों के जरिए भाजपा ग्रामीण मतदाताओं तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उपलब्धियों की जानकारी पहुंचाने की तैयारी में है।
पार्टी के लिए पंचायत चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ग्राम पंचायत से लेकर जिला परिषद तक का संगठन सीधे ग्रामीण स्तर पर राजनीतिक नेटवर्क से जुड़ता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बूथ, मंडल और पंचायत स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
नितिन नबीन का राजस्थान दौरा इसी व्यापक संगठनात्मक तैयारी की शुरुआत के तौर पर सामने आया है। अब देखना होगा कि दादिया से शुरू होने वाला यह अभियान पंचायत चुनावों तक किस तरह आगे बढ़ता है और भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी चुनावी रणनीति को किस रूप में जमीन पर उतारती है।


