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मानसून गया नहीं कि राजस्थान में चढ़ा पारा! जैसलमेर 42.9°C पर, बाड़मेर में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा

जयपुर: राजस्थान में मानसून की विदाई का दौर शुरू होते ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जिन इलाकों में कुछ दिन पहले तक बारिश और बादलों का असर था, वहां अब तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार को पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। जैसलमेर 42.9 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा बाड़मेर का रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.4°C दर्ज किया गया। मौसम रिपोर्टों के मुताबिक यह सितंबर में पिछले करीब 10 वर्षों के दौरान बाड़मेर में दर्ज सबसे अधिक तापमान है। जोधपुर में भी पारा 40.6°C तक पहुंच गया, जबकि उदयपुर में 36°C तापमान दर्ज किया गया।

सितंबर में मई-जून जैसी गर्मी क्यों?

राजस्थान में सितंबर के आखिरी दिनों में 42 डिग्री के आसपास पहुंचा तापमान पहली नजर में असामान्य लग सकता है, लेकिन इसके पीछे मौसम की मौजूदा स्थिति अहम है।

दरअसल, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब राजस्थान से धीरे-धीरे पीछे हट रहा है। बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ते ही आसमान साफ होने लगा है। इसी दौरान पश्चिमी हवाएं मजबूत हुई हैं, जिससे पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में दिन का तापमान तेजी से ऊपर गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 4 से 5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और बीकानेर इसका सबसे ज्यादा असर देखने वाले इलाकों में शामिल हैं।

मानसून की विदाई ने बढ़ाई गर्मी

राजस्थान में मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून वापसी की रेखा धौलपुर और उदयपुर से होकर गुजर रही है और आने वाले कुछ दिनों में राज्य के अन्य हिस्सों से भी मानसून पीछे हट सकता है।

बारिश कम होने और मौसम के शुष्क होने के साथ दिन के तापमान में बढ़ोतरी स्वाभाविक है। पश्चिमी राजस्थान में इसका असर फिलहाल ज्यादा स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

IMD के जैसलमेर केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक 23 सितंबर को वहां अधिकतम तापमान 42.9°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.8°C अधिक था। इसी दौरान न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहा।

बाड़मेर, जोधपुर और बीकानेर भी गर्म

जैसलमेर के बाद पश्चिमी राजस्थान के कई दूसरे शहरों में भी पारा काफी ऊपर रहा।

शहर अधिकतम तापमान
जैसलमेर 42.9°C
बाड़मेर 42.4°C
जोधपुर 40.6°C
बीकानेर 40°C से ऊपर
चूरू 40°C के आसपास
पिलानी 40°C के आसपास

बाड़मेर का मौजूदा तापमान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सितंबर के लिहाज से यह पिछले एक दशक का सबसे ऊंचा तापमान बताया जा रहा है। जोधपुर में भी सितंबर के तापमान ने हाल के वर्षों का रिकॉर्ड पार किया है।

अभी बारिश से राहत, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ दौर

फिलहाल राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है। 24 सितंबर को प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है और मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की बात कही गई है।

हालांकि मौसम पूरी तरह स्थिर रहने वाला नहीं है। 25 सितंबर के आसपास श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इसके बाद 27 सितंबर से जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

28 से 30 सितंबर के बीच उत्तर और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में स्थानीय बारिश की संभावना भी बनी हुई है। पश्चिमी राजस्थान में हालांकि अगले कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।

गर्मी अभी और परेशान करेगी?

मौसम का मौजूदा पैटर्न बताता है कि मानसून की वापसी के दौरान राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में दिन का तापमान कुछ समय के लिए सामान्य से काफी ऊपर जा सकता है। खासकर साफ आसमान, कम बारिश और गर्म पश्चिमी हवाओं के कारण रेगिस्तानी जिलों में दोपहर की गर्मी तेज महसूस हो सकती है।

हालांकि इसे पूरे राजस्थान में लगातार लू की स्थिति मानना सही नहीं होगा। अलग-अलग जिलों में तापमान और बारिश की स्थिति अलग रह सकती है और अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ तथा स्थानीय मौसमी प्रणालियों के असर से बदलाव संभव है।

फिलहाल राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों के लिए तस्वीर साफ है—मानसून की विदाई के साथ बारिश थमी तो धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में 42 डिग्री के पार पहुंचता पारा इस बदलते मौसम की एक झलक जरूर दे रहा है।