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‘हर आरोप का दूंगा जवाब, सच सामने आएगा’— पहली बार बोले चंपत राय, SIT जांच पूरी होने तक साधी चुप्पी

अयोध्या | 7 जुलाई 2026

राम मंदिर के चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में पहली बार पूर्व महासचिव चंपत राय ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों का वे तथ्यों के आधार पर जवाब देंगे, लेकिन यह जवाब विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही दिया जाएगा।

चंपत राय ने कहा कि फिलहाल जांच चल रही है और वे जांच प्रक्रिया का सम्मान करते हैं। उनका कहना है कि जब पूरी रिपोर्ट सामने आ जाएगी, तब वे हर आरोप का बिंदुवार उत्तर देंगे और पूरा सच भी सामने आएगा।

“अभी बोलना उचित नहीं”

मीडिया से बातचीत में चंपत राय ने संकेत दिया कि जांच पूरी होने से पहले सार्वजनिक बयान देना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम निष्पक्ष रूप से करने दिया जाना चाहिए और अंतिम निष्कर्ष आने से पहले किसी भी प्रकार की टिप्पणी से बचना बेहतर है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में हाल ही में बदलाव किए गए हैं और दान प्रबंधन को लेकर चल रही जांच पर देशभर की नजर बनी हुई है।

चढ़ावा मामले की जांच जारी

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। इस मामले में पहले कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज़, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। जांच अभी जारी है और किसी भी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

ट्रस्ट में हुए हैं बड़े प्रशासनिक बदलाव

हाल ही में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में संगठनात्मक बदलाव किए गए थे। चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद ट्रस्ट ने नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू की। ट्रस्ट का कहना है कि यह कदम संस्थागत जवाबदेही और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया।

ट्रस्ट का पक्ष भी आया सामने

इस पूरे विवाद के बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि चंपत राय ने जिन लोगों पर भरोसा किया, उन्हीं लोगों ने कथित तौर पर उस विश्वास को तोड़ा। हालांकि उन्होंने भी अंतिम निष्कर्ष आने से पहले किसी पर दोष तय करने से बचने की बात कही।

अब आगे क्या?

अब इस पूरे मामले में निगाहें SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो उसके आधार पर आगे कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल चंपत राय का संदेश स्पष्ट है—वे सभी आरोपों का जवाब देंगे, लेकिन केवल तब, जब जांच पूरी हो जाएगी और आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक होगी।