Yuva: कलाओं के घर में नई आवाजें
बादलों से झरती बरसाती बौछारों ने भोपाल के भाल पर जैसे ही हरियाली का तिलक किया, बड़ी झील के आईने में झांकते भारत भवन के आकाश पर इन्द्रधनुष खिल उठा. यह सतरंगी आभा कला के गलियारों तक फैली तो तरूणाई का ताप क़तरे-क़तरे में उतर आया. शब्द, रंग, दृश्य, सुर-ताल, लय-गति और अभिनय से लेकर […]

