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कैंसर मरीजों को देती थीं म्यूजिक थेरेपी, अब बनीं ‘इंडियन आइडल 16’ की चैंपियन; आलिया-दीपिका के लिए गाना है अगला सपना

मुंबई | एंटरटेनमेंट डेस्क

देश के लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ को अपना नया विजेता मिल गया है। ओडिशा की रहने वाली ज्योतिर्मयी नायक ने शानदार प्रदर्शन के दम पर ट्रॉफी अपने नाम कर इतिहास रच दिया। वह इंडियन आइडल जीतने वाली पहली ओड़िया प्रतियोगी बन गई हैं। शो जीतने के साथ उन्हें 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली। उनकी जीत को केवल एक रियलिटी शो की सफलता नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और संगीत के प्रति जुनून की मिसाल माना जा रहा है।

संगीत से इलाज तक… प्रेरणादायक है ज्योतिर्मयी का सफर

ज्योतिर्मयी नायक का सफर सामान्य प्रतिभागियों से अलग रहा है। इंडियन आइडल में आने से पहले वे ओड़िया संगीत जगत में सक्रिय थीं और म्यूजिक थेरेपिस्ट के रूप में भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने कैंसर से जूझ रहे मरीजों के साथ संगीत आधारित थेरेपी पर काम किया, ताकि उपचार के दौरान उन्हें मानसिक और भावनात्मक संबल मिल सके।

उनका मानना है कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति भी रखता है। यही सोच उनके व्यक्तित्व और गायकी में भी दिखाई देती है।

10 महीने के लंबे सफर के बाद मिली जीत

‘इंडियन आइडल 16’ का यह सीजन लगभग 10 महीने तक चला, जिसे शो के सबसे लंबे सीजनों में गिना जा रहा है। इस दौरान ज्योतिर्मयी ने अपनी बहुमुखी गायकी, सुरों पर मजबूत पकड़ और लगातार प्रभावशाली प्रस्तुतियों से दर्शकों और निर्णायकों का दिल जीता।

ग्रैंड फिनाले में उन्होंने अन्य प्रतिभाशाली प्रतियोगियों को पीछे छोड़ते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। उनकी जीत के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने उन्हें बधाई दी और ओडिशा में भी जश्न का माहौल देखने को मिला।

आलिया भट्ट और दीपिका पादुकोण के लिए गाना चाहती हैं

शो जीतने के बाद मीडिया से बातचीत में ज्योतिर्मयी ने अपने भविष्य के सपनों का भी खुलकर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग करना हर गायक का सपना होता है और उनकी भी यही इच्छा है।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यदि अवसर मिला तो वह आलिया भट्ट और दीपिका पादुकोण के लिए अपनी आवाज देना चाहेंगी। इसके अलावा उन्होंने प्रसिद्ध गायकों श्रेय घोषाल और अरिजीत सिंह के साथ किसी ओरिजिनल म्यूजिक प्रोजेक्ट पर काम करने की इच्छा भी जताई।

परिवार और गुरुओं को दिया सफलता का श्रेय

ज्योतिर्मयी ने अपनी जीत का श्रेय अपने माता-पिता, संगीत गुरुओं, शो के निर्णायकों और दर्शकों को दिया। उन्होंने कहा कि इंडियन आइडल ने उन्हें केवल एक मंच नहीं दिया, बल्कि एक कलाकार के रूप में खुद को नए तरीके से पहचानने का अवसर भी दिया।

उनके अनुसार, इस प्रतियोगिता ने उन्हें अलग-अलग संगीत शैलियों को सीखने, मंच पर आत्मविश्वास बढ़ाने और बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर प्रदान किया।

आगे बॉलीवुड में होगी नई शुरुआत?

इंडियन आइडल की ट्रॉफी जीतने के बाद अब संगीत जगत की नजरें ज्योतिर्मयी नायक के अगले कदम पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी आवाज, तकनीकी क्षमता और भावपूर्ण प्रस्तुति उन्हें बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग में मजबूत पहचान दिला सकती है।

यदि उन्हें बड़े बैनर की फिल्मों या स्वतंत्र संगीत परियोजनाओं में अवसर मिलता है, तो आने वाले वर्षों में वे हिंदी फिल्म संगीत की नई आवाज के रूप में उभर सकती हैं। फिलहाल, उनकी जीत ने ओडिशा के युवा कलाकारों के लिए एक नई प्रेरणा जरूर पैदा कर दी है।