नई दिल्ली | राजनीतिक डेस्क
केंद्र सरकार में शुक्रवार को महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। रेल मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इस संबंध में राष्ट्रपति भवन की ओर से आधिकारिक विज्ञप्ति भी जारी की गई।
राष्ट्रपति भवन ने जारी की अधिसूचना
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार किया गया है। इसके साथ ही वे तत्काल प्रभाव से केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रहे।
इस्तीफे की पृष्ठभूमि क्या है?
रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा के सदस्य के रूप में केंद्र सरकार में मंत्री बने थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था और उन्हें हालिया राज्यसभा चुनाव में दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इसी पृष्ठभूमि में उनके इस्तीफे की संभावना पहले से जताई जा रही थी।
पंजाब की राजनीति में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए रवनीत सिंह बिट्टू को राज्य की सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिका दे सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में संगठन को मजबूत करने की रणनीति के तहत उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
रवनीत सिंह बिट्टू ने जताया आभार
इस्तीफा स्वीकार होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में देश की सेवा करने का अवसर उनके लिए सम्मान की बात रही। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन और जनसेवा का सफर आगे भी जारी रहेगा।
कांग्रेस से भाजपा तक का राजनीतिक सफर
रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पौत्र हैं। वे लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे और लुधियाना से लोकसभा सांसद भी रहे। वर्ष 2024 के आम चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थामा और बाद में केंद्र सरकार में राज्य मंत्री बनाए गए। लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद उन्हें राज्यसभा के माध्यम से मंत्रिपरिषद में स्थान मिला था।
क्या कैबिनेट विस्तार के संकेत हैं?
बिट्टू के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक किसी व्यापक कैबिनेट विस्तार या नए मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कुछ और संगठनात्मक एवं प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


