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राम मंदिर चढ़ावा केस में नया खुलासा! CCTV से बचने की साजिश, कार में होती थीं गुप्त बैठकें; पुलिस ने खोले कई राज

अयोध्या | 4 जुलाई 2026

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस जांच में अब ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कथित चोरी किसी एक व्यक्ति का काम नहीं थी, बल्कि इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। जांच एजेंसियां अब सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध गतिविधियों और आरोपियों की आपसी बैठकों की कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।

CCTV फुटेज बना जांच का अहम आधार

जांच अधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने कैमरों की स्थिति, कर्मचारियों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था का पहले से अध्ययन किया था, ताकि उन स्थानों का फायदा उठाया जा सके जहां निगरानी अपेक्षाकृत कम थी। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि किन समयों में गतिविधियां सबसे अधिक संदिग्ध रहीं।

कार में होती थीं कथित गुप्त बैठकें

पुलिस जांच के दौरान एक वाहन भी जांच के दायरे में आया है, जिसे कथित तौर पर आरोपियों की बैठकों और आवाजाही के लिए इस्तेमाल किया जाता था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी वाहन में कई बार ऐसी मुलाकातें हुईं, जिनमें कथित तौर पर आगे की रणनीति और पैसों के लेन-देन पर चर्चा की गई। वाहन के मूवमेंट, लोकेशन और उससे जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस रिमांड में पूछताछ से मिल रहे नए सुराग

मुख्य आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर कई नए स्थानों और व्यक्तियों की पहचान हुई है, जहां छापेमारी और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई जारी है।

जांच का फोकस केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि यदि धन या अन्य कीमती वस्तुएं निकाली गईं, तो उन्हें कहां रखा गया और उनका उपयोग किस प्रकार किया गया।

आर्थिक पहलू भी जांच के दायरे में

जांच अब कथित धन के प्रवाह (Money Trail) तक पहुंच चुकी है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों और हाल के वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित रूप से निकाली गई राशि का उपयोग कहीं संपत्ति खरीदने या अन्य निवेशों में तो नहीं किया गया।

SIT की निगरानी में आगे बढ़ रही जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) पूरी जांच की निगरानी कर रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस ने किसी नए आरोपी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष सभी साक्ष्यों के वैज्ञानिक परीक्षण और पूछताछ पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।