टी20 विश्वकप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और मैच के दौरान बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों विभागों में कमजोरियां साफ नजर आईं। शुरुआती ओवरों में विकेटों के गिरने से टीम दबाव में आ गई और मध्यक्रम भी पारी को संभालने में सफल नहीं हो सका। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने के प्रयास में लगातार विकेट गंवाते रहे, जिसका फायदा दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने बखूबी उठाया। गेंदबाजी में भी डेथ ओवरों में रन रोकने में असफलता ने टीम की स्थिति और कमजोर कर दी। इस हार के बाद टीम संयोजन और रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मैच के बाद क्रिकेट विश्लेषकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि ऑलराउंडर Akshar Patel को प्लेइंग इलेवन में शामिल न करना एक रणनीतिक चूक साबित हुई। मध्य ओवरों में उनकी बाएं हाथ की स्पिन और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी टीम के लिए संतुलन ला सकती थी। टीम के हेड कोच Gautam Gambhir के इस फैसले पर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या परिस्थितियों के अनुरूप टीम चयन नहीं किया गया। हालांकि टीम प्रबंधन ने हार को सामूहिक जिम्मेदारी बताया है, लेकिन आगामी मुकाबलों से पहले रणनीति में बदलाव की जरूरत स्पष्ट दिखाई दे रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित टीम संयोजन और दबाव की स्थिति में बेहतर निर्णय ही भारत को आगे की राह आसान बना सकते हैं।


