ई-गवर्नेंस और डिजिटल इंडिया प्रमुख ख़बरें

ई-रिक्शा की सुरक्षा पर केंद्र का बड़ा एक्शन! Google-Apple को 7 ऐप हटाने का आदेश, दूर से बैटरी बंद करने का था आरोप

नई दिल्ली | 4 जुलाई 2026

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों, विशेषकर ई-रिक्शा की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Google और Apple को नोटिस जारी कर अपने-अपने ऐप स्टोर से सात बैटरी मैनेजमेंट (Battery Management System – BMS) ऐप हटाने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि इन ऐप्स का कथित तौर पर दुरुपयोग कर कुछ इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को दूर से निष्क्रिय (Remote Disable) किया जा रहा था, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा और साइबर सुरक्षा दोनों पर खतरा पैदा हो सकता है।

क्यों उठाया गया यह कदम?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो और शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें कुछ लोग स्मार्टफोन ऐप के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को अचानक बंद करते दिखाई दिए। शुरुआती जांच में सामने आया कि कुछ बैटरी मैनेजमेंट ऐप कमजोर सुरक्षा वाले ब्लूटूथ-सक्षम BMS सिस्टम से जुड़कर बैटरी के डिस्चार्ज फ़ंक्शन को नियंत्रित कर सकते हैं। यदि ऐसे सिस्टम पर्याप्त सुरक्षा से लैस न हों, तो उनका गलत इस्तेमाल संभव हो सकता है।

किन ऐप्स पर कार्रवाई?

सरकार ने जिन ऐप्स को हटाने का निर्देश दिया है, उनमें BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion जैसे बैटरी मैनेजमेंट ऐप शामिल बताए जा रहे हैं। इनके अलावा इसी श्रेणी के अन्य ऐप्स भी जांच के दायरे में हैं। सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि भविष्य में इसी तरह के किसी अन्य ऐप के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

क्या सभी इलेक्ट्रिक वाहन प्रभावित हो सकते हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या सभी इलेक्ट्रिक वाहनों में नहीं है। ऐसे ऐप केवल उन्हीं बैटरियों के साथ काम करते हैं, जिनमें ब्लूटूथ-सक्षम BMS लगा हो और जिसकी सुरक्षा कमजोर या बिना पासवर्ड के हो। पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी वाले ई-रिक्शा या सुरक्षित BMS सिस्टम वाले वाहनों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ता।

सरकार का फोकस: सुरक्षा और जवाबदेही

केंद्र सरकार का मानना है कि ऐसे ऐप्स का दुरुपयोग सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। यदि चलते वाहन की बैटरी अचानक बंद हो जाए, तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। इसी कारण ऐप स्टोर संचालकों से ऐसे ऐप्स की समीक्षा और निगरानी और अधिक सख्ती से करने को कहा गया है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल Google और Apple से इन ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए कहा गया है। सरकार मामले की निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर आगे तकनीकी एवं कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं। साथ ही बैटरी निर्माताओं और इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों से भी अपने BMS सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।