तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने C. Joseph Vijay ने विधानसभा में बहुमत साबित कर अपनी सरकार को स्थिरता का बड़ा संदेश दिया है। विधानसभा में हुए विश्वास मत के दौरान टीवीके नेतृत्व वाले गठबंधन को 144 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि प्रमुख विपक्षी दल मतदान से पहले सदन से वॉकआउट कर गए।
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में Tamilaga Vettri Kazhagam सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। पार्टी ने 108 सीटें हासिल की थीं, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह 10 सीट पीछे रह गई थी। हालांकि विजय ने दो सीटों से चुनाव जीतने के कारण एक सीट छोड़ने का फैसला किया, जिससे पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह गई।
सरकार गठन के लिए विजय को कई सहयोगी दलों का समर्थन मिला। कांग्रेस के 5 विधायक, सीपीआई, सीपीआई (एम), वीसीके और आईयूएमएल के 2-2 विधायक गठबंधन के साथ आए। इसके अलावा कुछ निर्दलीय और छोटे दलों ने भी समर्थन दिया। राजनीतिक समीकरणों के बाद गठबंधन का आंकड़ा 120 तक पहुंचा, लेकिन फ्लोर टेस्ट के दौरान अतिरिक्त समर्थन मिलने से यह संख्या बढ़कर 144 हो गई।
विपक्ष के वॉकआउट ने बदला माहौल
विश्वास मत के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मतदान से पहले सदन से बाहर निकलने के फैसले ने सरकार की राह आसान कर दी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष फिलहाल विजय सरकार को सीधे टकराव के बजाय जनमुद्दों पर घेरने की रणनीति अपना सकता है।
सिनेमा से सत्ता तक मजबूत हुई विजय की पकड़
विजय का यह राजनीतिक सफर केवल लोकप्रियता का परिणाम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत भी माना जा रहा है। युवा, महिला और शहरी मतदाताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता ने टीवीके को तेजी से मजबूत राजनीतिक ताकत बना दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लोर टेस्ट में मिली स्पष्ट बढ़त ने यह संदेश दिया है कि विजय केवल चुनावी चेहरा नहीं, बल्कि गठबंधन राजनीति को संभालने वाले नेता के रूप में भी उभर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि उनकी सरकार चुनावी वादों और प्रशासनिक चुनौतियों के बीच संतुलन कैसे बनाती है।


