तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत उस समय हुई जब C. Joseph Vijay ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अभिनेता से राजनेता बने विजय के इस ऐतिहासिक पल ने न केवल उनके समर्थकों को भावुक किया, बल्कि उनके परिवार की वर्षों पुरानी संघर्ष गाथा भी एक बार फिर चर्चा में आ गई।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद विजय के पिता और वरिष्ठ फिल्म निर्देशक S. A. Chandrasekhar भावुक नजर आए। उन्होंने अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए कहा कि जब विजय का जन्म वर्ष 1974 में हुआ था, तब वे फिल्म इंडस्ट्री में एक असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे थे और परिवार चलाना भी बेहद मुश्किल था।
उन्होंने कहा कि उस दौर में आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कई बार भोजन तक के लिए संघर्ष करना पड़ता था। आज उसी बेटे को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनते देखना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा होने जैसा है। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि विजय बचपन से ही अपने वादों को लेकर बेहद गंभीर रहे हैं और वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
“मैं सत्ता के विशेषाधिकार से नहीं, संघर्ष से आया हूं”
मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले संबोधन में विजय ने खुद को आम लोगों का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि वे किसी राजनीतिक विरासत वाले परिवार से नहीं आते। उन्होंने कहा कि उन्होंने गरीबी, संघर्ष और भूख को करीब से देखा है, इसलिए आम जनता की परेशानियों को बेहतर तरीके से समझते हैं।
विजय ने कहा कि जनता ने उन्हें केवल अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि अपने बेटे और भाई की तरह स्वीकार किया है। यही विश्वास उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया है।
समर्थकों में उत्साह, नई राजनीति की उम्मीद
Tamilaga Vettri Kazhagam के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विजय के मुख्यमंत्री बनने को तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत बताया। पार्टी विधायक मारिया विल्सन ने कहा कि राज्य के लोगों ने एक ऐसे चेहरे को सत्ता तक पहुंचाया है जिसे वे अपना मानते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री विजय ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर “श्वेत पत्र” जारी करने की घोषणा की है, जिसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सिनेमा से राजनीति तक का विजय का सफर केवल लोकप्रियता की कहानी नहीं, बल्कि जनभावनाओं और बदलाव की उम्मीद का प्रतीक बन चुका है। तमिलनाडु की जनता अब यह देखने को उत्सुक है कि पर्दे का यह सुपरस्टार शासन की वास्तविक चुनौतियों में कितना सफल साबित होता है।


